3 लोगों को अपना शिकार बना चुके बाघ को वन विभाग के अधिकारियों ने बेहोश कर पकड़ा गया आदमखोर बाघ;

चंद्रपुर : एक आदमखोर बाघ को वन विभाग के कर्मचारियों ने बेहोश कर पकड़ा है. वन विभाग के अधिकारी के अनुसार, इस बाघ ने पिछले कुछ महीनों में महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के गांवों में तीन लोगों की जान ले ली थी. वन विभाग की तरफ से जारी की गई विज्ञप्ति में बताया गया कि पिछले 7 महीनों में बाघ ने निमढेला राउंड से सटे गांवों में तीन लोगों पर हमला कर उन्हें मार दिया थe.
वन विभाग के अधिकारी के मुताबिक ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व (टीएटीआर) के क्षेत्र निदेशक डॉ. जितेंद्र रामगांवकर की देख-रेख में एक बचाव अभियान शुरू किया और बाघ को खडसंगी वन रेंज के कंपार्टमेंट 59 से बचाया गया. इसके बाद बाघ को नागपुर के गोरेवाड़ा वन्यजीव बचाव केंद्र में भेज दिया गया. टीम के सदस्यों में से एक टीएटीआर के पशुचिकित्सक डॉ. रविकांत खोबरागड़े ने कहा कि यह उनका 68वां स्वतंत्र बाघ पकड़ने का मौका था.
एक अन्य घायल बाघ को भी वनकर्मियों ने पकड़ा
वन विभाग के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि महाराष्ट्र के पेंच टाइगर रिजर्व (पीटीआर) रेंज में एक क्षेत्रीय लड़ाई में घायल हुए बाघ को भी बचाया गया है. उसका इलाज किया जा रहा है. पीटीआर के उप निदेशक डॉ. प्रभु नाथ शुक्ला ने कहा कि विभाग की तरफ से बाघ को बचाने का फैसला किया क्योंकि उसका घाव जख्मी हो गया था, घाव ठीक नहीं हो रहा था.
बाघ देवलापार (वन्यजीव) रेंज के खुर्सापार बीट में कंपार्टमेंट नंबर 509 में परित्यक्त पुरानी सुरक्षा झोपड़ी में घुस गया था, उसके बाद एक बचाव दल मौके पर पहुंचा और उसे शांत कर दिया. अधिकारी ने बताया कि उसकी दोनों आंखों के मध्य भाग में घाव है, प्रारंभिक उपचार किया गया और जांच के लिए जानवर को पिंजरे में बंद कर दिया गया.